सहारनपुर, जनवरी 7 -- आदमी अपने मन में कुछ ठान ले तो क्या नहीं कर सकता गांव ढायकी निवासी सेठपाल कश्यप के बेटे विशाल कश्यप ने इसी को चरितार्थ किया है। विशाल कश्यप पहले पिता का हाथ उनके काम में बटाता था अब वह लोको पायलट बनने के बाद रेल भी दौड़एगा। सेठपाल कश्यप पहले गांव गांव जाकर रेहडी पर सामान बेचते थे। अब वह सहारनपुर में काम करते हैं। रेहडी पर वह चश्मा हेलमेट आदि पर सामान बेचते हैं। विशाल कश्यप पढ़ाई के साथ-साथ उनके काम में हाथ इसीलिए ताकि पिता पर काम बोझ ज्यादा ना हो लेकिन इसी के साथ-साथ वह सरकारी नौकरी की भी तैयारी कर रहा था। विशाल कश्यप की मेहनत रंग लाई तो उसे रेलवे में लोको पायलट बनने का अवसर मिल गया। अब वह लोको पायलट की ट्रेनिंग के लिए जाएगा। विशाल कश्यप ने पॉलिटेक्निक जनपद मुजफ्फरनगर के एक संस्थान से की है। विशाल कश्यप अपनी सफलता का ...