नई दिल्ली। हिन्दुस्तान, अगस्त 23 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को रेस्टोरेंट एसोसिएशन से पूछा कि जब आप पहले से ही अनुभव के नाम पर एमआरपी पर ज्यादा पैसे ले रहे हैं तो फिर सर्विस चार्ज क्यों लगा रहे हैं। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय एवं जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील से यह सवाल किया, जिन्होंने सिंगल जज बेंच के आदेश के खिलाफ अदालत का रुख किया था। मार्च में दिए आदेश में कहा गया था कि रेस्टोरेंट्स छिपे हुए और जबर्दस्ती तरीके से खाने के बिल पर अनिवार्य रूप से सर्विस चार्ज नहीं लगा सकते, यह जनहित के खिलाफ हैं। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने शुक्रवार को कहा कि रेस्टोरेंट्स ग्राहकों से तीन तरह चार्ज ले रहे हैं। बेचे गए खाद्य सामग्री, एसी की सुविधा और खाना परोसने के नाम पर चार्ज वसूल...
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