मथुरा, फरवरी 14 -- एक वर्ष पूर्व भीख मांगने एवं दुर्व्यवहार का शिकार रहे 58 वर्षीय नर हाथी मनु के रेस्क्यू के बाद अब उसे वाइल्डलाइफ एसओएस की देखरेख में पुनर्वासित हुए एक वर्ष पूरा हो गया है। फिलहाल वह हाथी संरक्षण केन्द्र अस्पताल में विशेष उपचार एवं देखभाल प्राप्त कर रहा है। रेस्क्यू के समय मनु बेहद कमजोर, वर्षों के शोषण से नेत्रहीन हो चुका था, जोड़ों के दर्द, पैरों में फोड़े एवं घावों से पीड़ित था। सूचना पर वाइल्डलाइफ एसओएस ने वन विभाग के सहयोग से पहुंचकर उसे उपचार दिया। वहीं विशेष उपकरणों से खड़ा कर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे 24 घंटे निगरानी में रखा गया। यहां उसके घावों का उपचार, लेजर थेरेपी, विशेष देखभाल एवं चिकित्सीय मालिश की गई। नेत्रहीन के कारण उसका बाड़ा एवं दिनचर्या विशेष सुरक्षित बनाई गई। गत एक वर्ष में उसके स्वास्थ्य में सुधार ह...