बरेली, नवम्बर 7 -- रेल इंजन से डीजल चोरी प्रकरण में बोर्ड ने भी संज्ञान लिया है। आरपीएफ टीमें आरोपियों की तलाश में नेटवर्क बिछाने में लगी हैं। कई कर्मचारी भी शक के घेरे में हैं। टिसुआ से बिशातरगंज तक डीजल पेटी डीलरों की तलाश में टीमें लगी हैं। कहीं ऐसा तो नहीं उनको रेलवे का डीजल चोरी करके पहुंचाया जाता हो। चार से पांच टीम जांच में लगाई गई हैं। एक नवंबर की शाम को मालगाड़ी के इंजन से डीजल चोरी का वीडियो वायरल हुआ था। हालांकि मौके से तीन-चार केन भरी मिली थीं, जबकि चार-पांच मौके से खाली पाई गईं। डीजल चोरी में रेलवे के कर्मचारियों पर ही शक की सुई घूम रही है। जब टिसुआ में डीजल चोर गैंग असफल हुआ तो उसने बिशारतगंज स्टेशन पर भी रेल इंजन के टैंक से छेड़छाड़ की। हालांकि डीजल निकालने में असफल हो गये। दो घटनाओं ने आरपीएफ की नींद उड़ा दी है। रेलवे बोर्...
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