पीटीआई, दिसम्बर 22 -- दिल्ली की एक अदालत ने 15 साल की लड़की से दुष्कर्म के आरोपित एक नाबालिग को आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि लड़की का पक्ष आरोप साबित करने में नाकामयाब रहा। रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं पाया गया, जिससे दुष्कर्म या पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध सिद्ध हो सके। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रयांक नायक इस मामले की सुनवाई कर रहे थे। नाबालिग आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 (गंभीर यौन उत्पीड़न) के तहत मामला दर्ज किया गया था।आपसी सहमति से बने थे संबंध नाबालिग की ओर से एडवोकेट प्रशांत दीवान ने अदालत से आरोपमुक्त करने की मांग करते हुए दलील दी कि यह मामला लड़की के माता-पिता और मौसी के कहने पर दर्ज कराया गया था। उन्होंने कहा कि मिले सबूतों से ये पता चलता है कि दोनों नाबा...
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