नई दिल्ली, अगस्त 20 -- शशांक ,पूर्व विदेश सचिव अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक खत्म करने के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जब पत्रकारों के सवाल ले रहे थे, तब उन्होंने यह कहा था कि यदि 2022 में ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति होते, तो यूक्रेन युद्ध होता ही नहीं। इस वक्तव्य से वह दो संदेश देना चाह रहे थे। पहला, वह दृढ़ हैं कि अमेरिका ही यूक्रेन के पीछे था और दूसरा, अगर सहमति बनती है, तो वह शांति के लिए तैयार हैं। इसीलिए, इस बैठक के तीन दिन बाद जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की यूरोपीय नेताओं के साथ ओवल ऑफिस में थे, तब यह कयास जोर पकड़ने लगी कि जल्द ही इस युद्ध का अंत होने वाला है। क्या वाकई ऐसा होने जा रहा है? निस्संदेह, राष्ट्रपति ट्रंप शांति-प्रयासों में जोर-शोर से जुटे हुए हैं। उन्होंने सत्ता संभालते ...
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