मदन जैड़ा, फरवरी 20 -- अमेरिका और रूस से मिले प्रस्तावों के बाद स्टील्थ फाइटर जेट की खरीद को लेकर सरगर्मी तेज होने लगी है। हालांकि भारत ने इस शर्त पर कायम रहने का फैसला किया है कि विदेशी कंपनी को देश में ही लड़ाकू विमानों का निर्माण करना होगा। अगले कुछ माह में भारत मेक इन इंडिया की शर्त के साथ 114 बहुद्देश्यीय लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए वैश्विक निविदा जारी कर सकता है। हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब अमेरिका गए थे तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को अत्याधुनिक स्टील्थ लड़ाकू विमान एफ-35 बेचने का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद रूस ने भी एसयू-57 भारत को बेचने का प्रस्ताव दिया है। कई और कंपनियां भी इस दौड़ में हैं। जैसे दसाल्ट का राफेल, साब का ग्रिपन ई, बोइंग का सुपर हार्नेट, एयरबस का यूरोफाइटर टाइफून आदि। भारत ने 2018 में विभिन्न कंपन...
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