नई दिल्ली, अगस्त 1 -- पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से यूक्रेन के साथ उलझे रूसी राष्ट्रपति पुतिन के सामने एक नई परेशानी आ रही है। रूसी रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट्स के मुताबिक यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूसी सैनिकों में एचआईवी के मामले रिकॉर्ड दर पर सामने आ रहे हैं। रूसी सेना में यह मामले ऐसे समय में सामने आ रहे हैं, जब रूस दुनिया के सबसे ज्यादा एचआईपी पॉजिटिव आबादी वाले देशों में से एक है। रूस में करीब दस लाख लोग एचआईवी पॉजिटिव माने जाते हैं। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से ही रूसी सैनिकों मं एचआईवी की दर करीब 20 से 40 गुना बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसा होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। जैसे युद्ध की स्थिति में फंसे सैनिकों का असुरक्षित यौन संबंध बनाना और मनौवैज्ञानिक तनाव से राहत पाने के लिए एक ही सुई से कई सैनिकों का ड्रग्स ले...