नई दिल्ली।, जुलाई 27 -- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को निर्णायक जवाब देने के बाद भारतीय सेना अब खुद को भविष्य के युद्ध के लिए तैयार कर रही है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को कारगिल विजय दिवस के मौके पर ऐलान किया कि सेना अब रुद्र ब्रिगेड, भैरव कमांडो बटालियन, दिव्यास्त्र बैटरियां और ड्रोन प्लेटून जैसे अत्याधुनिक सैन्य संरचनाओं के साथ सीमा पर तैनाती को और ज्यादा आक्रामक बना रही है।रुद्र ब्रिगेड: हर मोर्चे पर ऑल-आर्म्स युद्ध की क्षमता अब तक सेना की ज्यादातर ब्रिगेडें एकल-हथियार (जैसे केवल इन्फैंट्री या केवल आर्टिलरी) आधारित होती थीं। लेकिन अब सेना उन्हें बदलकर 'रुद्र ब्रिगेड' बना रही है, जो स्थायी रूप से एक साथ तैनात रहेंगी। इनमें पैदल सेना (इन्फैंट्री), टैंक और बख्तरबंद वाहन (आर्मर्ड यूनिट्स), तोपखाना, स्पेशल फोर्सेज, ड...