वाराणसी, जनवरी 13 -- वाराणसी। महमूरगंज स्थित कैलाश मठ में आयोजित शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन सोमवार को आशुतोषानंद गिरि महाराज ने रुद्राक्ष की उत्पत्ति एवं उसके आध्यात्मिक महत्व का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रुद्राक्ष धारण करने से मन, शरीर एवं आत्मा की शुद्धि होती है। नकारात्मक ऊर्जा का नाश होकर शिवचेतना का जागरण होता है। कथा में बेलपत्र एवं शिव प्रसाद का महत्व भी बताया। कथा में रामअवतार, राजेंद्र शर्मा, महेंद्र शर्मा का विशेष योगदान है।
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