कानपुर, जनवरी 5 -- कल्यानपुर खुर्द कानपुर में चल रही शिव महापुराण कथा के तृतीय दिवस सोमवार को आचार्य योगेश अवस्थी योगीराज महाराज ने रुद्राक्ष की महिमा का बखान किया। कहा, रुद्राक्ष धारण करने वाले को मांस मदिरा का त्याग कर देना चाहिए और जो मांस मदिरा ग्रहण करते हैं उन्हें रुद्राक्ष को त्याग देना चाहिए। एक मुखी से 14 मुखी तक रुद्राक्ष होते हैं जिनको लाल धागे में धारण करने के अलग-अलग फल प्राप्त होते हैं। शिव जी का पंचाक्षरी मंत्र,भस्म और रुद्राक्ष जो धारण कर लेता है, वह चलते फिरते त्रिवेणी के समान है। भगवान का नाम गंगा त्रिपुंड यमुना और रुद्राक्ष को सरस्वती मनना चाहिए। आचार्य जी के मुख से नारद मोह की कथा को विस्तार से श्रवण कर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। कथा में प्रभा त्रिवेदी, ज्योति त्रिवेदी, प्रेम शंकर त्रिपाठी, रमाशंकर, सुभाष यादव, नीतू कटिय...