उरई, दिसम्बर 1 -- उरई। राजेंद्र नगर बंबी रोड तलैया में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन रुक्मणी विवाह की कथा सुन श्रद्धालु भक्ति भाव से झूम उठे। वृंदावन से आए कथावाचक श्रीरामनरेश व्यास महाराज ने कथा सुनाते हुए कहा कि विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी ने मन ही मन श्रीकृष्ण को अपना पति मान लिया था। जब उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल से तय कर दिया तो रुक्मिणी ने अपने प्राण त्यागने की धमकी दी। एक सखी के माध्यम से श्रीकृष्ण को संदेश भिजवाया। संदेश पाकर कृष्ण ने रुक्मिणी का शिशुपाल के विवाह मंडप से अपहरण कर लिया। रुक्मिणी के भाई रुक्मी ने कृष्ण का पीछा किया लेकिन युद्ध में कृष्ण विजयी हुए। इसके बाद कृष्ण रुक्मिणी को द्वारका ले गए और दोनों ने विधिवत विवाह कर लिया। कथावाचक ने रुक्मणी विवाह का सरल और सुंदर शब्दों में वर्णन किया क...