संभल, फरवरी 9 -- श्रीमद्भागवत कथा मे छठे दिन रुक्मणी विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया। जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कथा में कथा व्यास स्वामी ओम प्रकाश महाराज ने कि भोले बाबा कैलाश पर्वत से रास करने के लिए माता पार्वती के साथ आते हैं।उनका स्वरूप और उसका रहना है। ब्रह्म कुंड में स्नान कर उनका स्वरूप भी गोपी जैसा बन जाता है। कथा में सुंदर झांकियां निकाली जाती हैं और उसके पश्चात रुक्मणी विवाह भी कराया जाता है। माता रुक्मणी का विवाह उत्सव को सभी ने भक्ति में रस कर आनंदमय और भजनों पर नृत्य करके मनाया। कार्यक्रम में माधव मिश्रा, कुलदीप वार्ष्णेय, उमाकांत शर्मा, अभिनव शर्मा, भुवनेश शर्मा, पुलेद्र यादव, चंदन माली, अशोक शर्मा आदि मौजूद रहे।
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