गुड़गांव, फरवरी 5 -- गुरुग्राम, वरिष्ठ संवाददाता। नगर निगम मानेसर ने संपत्तिकर चोरी को रोकने और राजस्व बढ़ाने के लिए कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। निगम क्षेत्र में ऐसी संपत्तियों की पहचान की जा रही है जो रिकॉर्ड में तो रिहायशी दर्ज हैं, लेकिन असल में वहां पीजी, हॉस्टल, कोचिंग सेंटर या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि संपत्ति मालिकों ने खुद आगे आकर अपने असल उपयोग की घोषणा (सेल्फ डिक्लेरेशन) नहीं की, तो उनके खिलाफ हरियाणा म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त आयुक्त लोकेश यादव ने बताया कि आईएमटी मानेसर होने के कारण यहां बड़ी संख्या में श्रमिक, छात्र और नौकरीपेशा युवा रहते हैं। इसका फायदा उठाते हुए मकान मालिकों ने अपनी रिहायशी प्रॉपर्टी को हॉस्टल और पीजी में तब्दील कर दिया है। चू...
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