कानपुर, दिसम्बर 18 -- कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) की 'रिसर्च अवॉर्ड एवं इंसेंटिव नीति' के चलते दर्जनों शोधार्थियों की पीएचडी उपाधि अटक गई है। इसकी वजह शोध कार्य को अंतर्राष्ट्रीय जर्नल स्कोपस और वेब ऑफ साइंस में प्रकाशित कराने का मानक है। शोध कार्य के तीन साल पूरे कर चुके शोधार्थी इस नियम का विरोध कर रहे हैं। इसमें कई महाविद्यालयों के शिक्षक भी शामिल हैं। शोधार्थियों की समस्या का समाधान करने के लिए अब विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कवायद की जा रही है। विवि प्रशासन एक समिति का गठन करने की तैयारी कर रहा है जो गुणवत्तापूर्ण शोध कार्यों को प्रमाणित करने का आधार सुझाएगी। सीएसजेएमयू प्रशासन ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शोधकार्यों को बढ़ावा देने के लिए रिसर्च अवॉर्ड एवं इंसेटिव की नई नीति लागू की है। जिसमें शोधार्थियों...
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