वाराणसी, फरवरी 10 -- वाराणसी। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) अनिल कुमार शुक्ला ने विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति संबंधित संस्तुति कर आख्या देने के एवज में आठ हजार रुपये और बनारसी साड़ी रिश्वत में लेने के मामले में आरोपी तत्कालीन जिला विकलांग कल्याण अधिकारी मनोरमा देवी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। आरोपी की ओर से अधिवक्ता एहतेशाम आब्दी और शाहनवाज परवेज ने पैरवी की। एक आरोपी की पहले मृत्यु हो चुकी है। सेवापुरी स्थित डॉ. आंबेडकर विकलांग विद्यालय चांदपुर के चेयरमैन राजनाथ सोनकर शास्त्री की शिकायत पर ट्रैप टीम ने 23 फरवरी 2000 को दुर्गाकुंड स्थित हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय से घूस लेते दोनों आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा था। आरोप था कि शिकायकर्ता के विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति को मानक के अनुसार दर्शाने के लिए रि...