फतेहपुर, नवम्बर 3 -- फतेहपुर। बाल विकास पुष्टाहार परियोजना में भ्रष्टाचार की परते खुलते ही कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है। कार्यकत्री की शेष प्रोत्साहन राशि बहाल कराने के लिए 15 हजार की वसूली में रंगेहाथ पकड़े गए ऑपरेटर की सेवा समाप्त कर दी गई है। प्रकरण में गुनहगार साबित हुई सीडीपीओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए निदेशालय से पत्राचार किया गया है। ललौली थाना क्षेत्र के तपनी की आंगनबाड़ी कार्यकत्री विभा का पांच वर्षो से प्रोत्साहन राशि रुकी पड़ी थी। अफसरों से शिकायत पर 30 हजार खातें में पहुंचे लेकिन शेष राशि नहीं पहुंचाई गई। जिसे बहाल कराने के लिए खजुहा कार्यालय पहुंचने पर कम्प्यूटर ऑपरेटर पुष्पेन्द्र ने 15 हजार की रिश्वत मांगी थी। विजिलेंस टीम से शिकायत पर ऑपरेटर को रंगेहाथों पकड़ा था। जिससे पूछताछ के बाद विजिलेंस टीम ने ऑपरेटर और सीडी...
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