मेरठ, जनवरी 4 -- परीक्षितगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीबी रोग विभाग के सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर पर लाखों रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप है। आरोप है कि उसने अपने रिश्तेदारों को फर्जी तरीके से टीबी का रोगी दिखाकर राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम की धनराशि को हड़प लिया। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर परीक्षितगढ़ थाने में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। दिल्ली निवासी साकिब ने शिकायत पत्र देकर बताया कि किठौर निवासी जुनैद जब्बार पिछले 10 वर्षों से परीक्षितगढ़ सीएचसी में सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (एसटीएस) पद पर तैनात है। राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी रोगियों को निशुल्क दवाओं के साथ छह माह तक प्रति माह 500 रुपये की पोषण सहायता प्रदान की जाती है। इसी को लेकर अपने रिश्तेदारों को...