रांची, मार्च 17 -- रांची, संवाददाता। रिम्स में हर दिन 1600 से अधिक मरीज सिर्फ ओपीडी परामर्श लेने पहुंचते हैं। ओपीडी परामर्श लेने पहुंचने वाले कई लाचार हाल में भी होते हैं। खुद से चलने-फिरने में भी असमर्थ होते हैं। ऐसे मरीजों के लिए ओपीडी परिसर में व्हील चेयर या ट्रॉली की व्यवस्था होनी चाहिए। रिम्स में ये चीजें हैं भी, पर कहां और किसके लिए है, यह सिर्फ उसे संचालित करने वाले ही समझते हैं। रिम्स के ओपीडी परिसर में न तो ट्रॉली मिलती है और न ही व्हील चेयर। असमर्थ मरीजों की एकमात्र उम्मीद उनके साथ पहुंचे उनके परिजन होते हैं, जो मरीजों को एक से दूसरी जगह अपनी गोद में उठाकर पहुंचाते हैं। रिम्स में हर दिन हर घंटे मरीज को गोद में लिए परिजन चिकित्सकों के चेंबर के पास और जांच केंद्र के पास खड़े रहते हैं। परिजनों के अनुसार, कोई भी व्हील चेयर नहीं मिलत...
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