मुजफ्फर नगर, जनवरी 23 -- स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि ज्ञानदायिनी मां सरस्वती की आराधना स्वर्ग में भारती, पृथ्वी पर सरस्वती एवं अंतरिक्ष में इला के रूप में होती है तथा उपासक अनेकों अलग-अलग नामों शारदा, वाग्देवी, महावाणी, वीणावादिनी, वीणापाणी, सावित्री, वाक एवं प्रज्ञा आदि से इनकी साधना करते हैं। बसंत पंचमी के पावन पर्व पर भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम, शुकतीर्थ स्थित श्री शुकदेव संस्कृत विद्यालय में परंपरागत रूप से धूमधाम हर्षोल्लास के साथ मां सरस्वती पूजा उत्सव मनाया गया। पीठाधीस्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने षोडशोपचार के साथ विधि विधान पूर्वक वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य मा सरस्वती की पूजा आरती की। उन्होंने कहा कि सरस्वती उपासना से मनुष्य के मन, वाणी और व्यवहार में पवित्रता आती है। सरस्वती पूजा उत्सव में वैदिक आचार्यों ने वेदपाठ तथा छात्रों ...