प्रयागराज, मार्च 12 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली से रिटायर दरोगा एकाउंटेंट रहीसुद्दीन से 4,88,087 रुपये की वसूली के आदेश पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार से इस मामले में दो सप्ताह में जानकारी मांगी है। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने याची के अधिवक्ता इरफान अहमद मलिक को सुनकर दिया है। एडवोकेट मलिक का कहना है कि याची 31 दिसंबर 2023 को रिटायर हुआ और उसके बाद नौ सितंबर 2024 को 26 जून 2024 की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर उसे कारण बताओ नोटिस दिया गया। जिसका जवाब दिया गया, लेकिन जांच अधिकारी ने याची के जवाब को दरकिनार कर रिपोर्ट दी और फिर एसपी बरेली ने 16 दिसंबर 24 को याची पर अर्थदंड का आदेश दिया, जिसे याचिका में चुनौती दी गई है। अधिवक्ता का कहना है कि रिटायर होने के बाद विभागीय जांच कार्यवाही नहीं की जा सकती। केवल सिविल सर्विस रेग्युलेश...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.