मधुबनी, मार्च 21 -- मधुबनी । सेवानिवृत्त होने के बाद हर कोई अपना जीवन आराम से व्यतित की उम्मीद करता है। एक शिक्षक अपनी पूरी जिंदगी छात्रों के भविष्य को संवारने और तैयार करने में लगा देता है, लेकिन सेवानिवृत्त शिक्षकों के सामने कई प्रकार की चुनौतियां हैं। इनमें से एक बड़ी समस्या पेंशन के भुगतान की है। इसके लिए उन्हें जटिल प्रक्रिया से गुजरनी पड़ती है। यह समस्या उन रिटायर्ड शिक्षक के लिए और गंभीर हो जाती है जो वृद्धावस्था में हैं और शारीरिक रूप से असमर्थ हैं। जटिल कागजी प्रक्रिया : सेवानिवृत्त शिक्षक राघवेंद्र ठाकुर और राजेश्वर मिश्र ने बताया कि जब वे स्कूल में शिक्षक के पद से रिटायर होते हैं तो उन्हें अपनी पेंशन प्राप्त करने के लिए महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। दफ्तर में उन्हें कागजी कार्यवाही और अनावश्यक प्रक्रियाओं का स...
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