कानपुर, जनवरी 15 -- कानपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हिन्दू सम्मेलन में जाति व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे सबसे बड़ी सामाजिक बुराई बताया गया। विश्व कल्याण के लिए सामाजिक समरसता के साथ पर्यावरण, परिवार और संस्कार बचाने का आह्वान किया गया। बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में संघ के पूर्वी क्षेत्र के बौद्धिक प्रमुख मिथिलेश नारायण ने कहा वैदिक संस्कृति हो या सनातन सब हिन्दू संस्कृति के ही दूसरे नाम हैं। विश्व की सारी संस्कृतियां भौतिकता पर आधारित हैं। भारतीय संस्कृति की नींव मानवीय और सांस्कृतिक मूल्य हैं। मिथलेश नारायण ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने दरिद्र को भगवान की संज्ञा दी। यह संस्कार सिर्फ भारतीय संस्कृति ही दे सकती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हिन्दू-हिन्दू भाई-भाई कहा क्योंकि सभी जातियों के लोग भारत माता की सं...