बोकारो, जनवरी 13 -- सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जरीडीह के सभागार में मंगलवार को राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एमडीए 2026 की सफल क्रियान्वयन हेतू दवा प्रशासको को एकदिवसीय प्रशिक्षण दिया गया । एमटीएस शैलेश कुमार ठाकुर ने बताया कि फाइलेरिया (हाथ पांव) एक लाइलाज बिमारी है यदि किसी व्यक्ति को जाता है तो साउम्र रोगी इससे ग्रसित रहता है। उचित देखभाल के माध्यम से ही इस रोग को नियंत्रित रखा जा सकता है। फाइलेरिया उन्नमूलन तभी हो सकता है जब एमडीए कार्यक्रम के दौरान सभी योग्य व्यक्ति फाइलेरिया रोधी दवा (डीएसी एवं एल्बेंडाजोल) का सेवन करेंगें । इस दवा का सेवन गर्भवती महिलाओ, 1 वर्ष से कम उम्र के बच्चे गंभीर बिमारी से ग्रसित व्यक्ति, अत्यंत वृद्ध व्यक्तियों को नहीं करना है। एमडीए 2026 कार्यक्रम 10 फरवरी से लेकर 25 फरवरी तक अभियान के तहत ...
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