संभल, नवम्बर 12 -- भारतीय इतिहास संकलन समिति के तत्वावधान में द गुरुकुल भवानीपुर में मंगलवार को राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का आस्था और श्रद्धा के साथ सामूहिक गायन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति का आधार बताया तथा इसके इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रबंधक यतेंद्र वर्मा ने कहा कि भारत की राष्ट्रीय चेतना का आधार वंदे मातरम है। इसका गायन करते ही व्यक्ति में अद्भुत ऊर्जा और देशभक्ति की भावना जागृत होती है। उन्होंने कहा कि यह गीत हमें देश के लिए बलिदान और समर्पण की प्रेरणा देता है। इतिहास संकलन समिति के लेखक प्रमुख उमेश श्रीमाली ने वंदे मातरम के अर्थ और उसके ऐतिहासिक महत्व को बताते हुए कहा कि 1875 से लेकर आज तक यह गीत भारतीयों के हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्योति प्रज्वलित करता आ रहा है। समिति जिल...