मऊ, अप्रैल 30 -- मऊ। भगवान परशुराम कोई जाति नहीं थे। बल्कि एक धर्म थे। उनके बताएं आदर्श राष्ट्रवाद को प्रेरणा देते हैं, जिन्होंने समाज कल्याण की अलग राह दिखाई। यह बातें उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक के सभापति एवं वरिष्ठ भाजपा नेता वाल्मीकि त्रिपाठी ने कही। वे मंगलवार को चिरैयाकोट में आयोजित परशुराम जयंती और विप्र सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम श्री विष्णु जी के छठे अवतार थे। उनका मूल नाम राम था, लेकिन शिव जी के परसु देने के कारण उनका नाम परशुराम पड़ा। हम सभी उनके वंशज हैं और उनके बताएं आदर्शों पर चलकर ही मानवता का कल्याण कर सकते हैं। कार्यक्रम को उमेश चंद पांडेय, अखिलेश तिवारी, डॉक्टर संतोष पांडेय, अमरनाथ तिवारी, अंबिका प्रसाद दुबे, विनोद उपाध्याय, डा.सतीश चंद तिवारी, डॉक्टर राजेंद्र पांडेय, डा.श...
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