गंगापार, अक्टूबर 10 -- जय मां शारदा रामलीला नाट्य समित परसरा बसंती के मंच पर चल रही रामलीला में गुरुवार की रात्रि मनु तपस्या और रावण जन्म, मेघनाद दिग्विजय लीला का मंचन बड़े रोमांच से मंचित किया गया। राजा मनु अपने पुत्र उत्तानपद को राज्य दे अपनी पत्नी सतरूपा के साथ वन में तपस्या में लीन हुए तो उनकी तपस्या से खुश श्री हरि प्रकट हुए और वरदान मांगने की बात कही जिस पर सतरूपा ने श्री हरि से उनके जैसे पुत्र की कामना की तो उन्होंने तथास्तु कहा और कहा कि मैं अपने जैसा कहा ढूंढूंगा मैं खुद ही अपने अंशों समेत अवतरित होऊंगा। उस समय आप अयोध्या के राजा दशरथ और कौशल्या के रूप में होंगे। तत्पश्चात मंच पर रावण जन्म लीला का मंचन और मेघनाद दिग्विजय का रोमांचित मंचन किया गया। मेघनाद और रावण के पराक्रम को देख देवताओं में त्राहि मच गई और मेघनाद ने धीरे धीरे कर...
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