इटावा औरैया, जनवरी 6 -- विख्यात कवि गोपालदास नीरज की स्मृति में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें देर तक देश प्रेम और आध्यात्मिक कविताएं प्रमुखता से सुनाई गई। कवि राजीव राज ने सुनाया कि मर्यादा के प्रतिरूप राम ,जन जन के मन के भूप राम, राम हमारी धरती के कण कण में बसते हैं, राम हमारे जीवन के क्षण क्षण में बसते हैं। कवि अभिषेक शर्मा बरेली ने सुनाया हे शिव शंभू , हे महादेव मुझ पर यह उपकार तुम्हारा मेरा यह जीवन तार दिया । कवि विवेक मिश्र ने कैसी उलझन कैसी दुश्वारी है अब शोलों से क्यो डरती चिंगारी है। ओज के कवि ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह ने ओज की रचनाएं सुनाई। इति शिवहरे ने कहा कि कुंडली तो मिल गई है,मन नहीं मिलता। सदर विधायक सरिता भदौरिया के जन्मदिन पर सन सिटी में आयोजित कवि सम्मेलन में कवि डा. कुमार मनोज ने तुलसी और कबीर की साखी जिंदाबाद रहे म...
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