बस्ती, जनवरी 22 -- बस्ती, हिन्दुस्तान टीम। रामरेखा मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा में भगवान राम और माता सीता के विवाह का प्रसंग अत्यंत उल्लास के साथ सुनाया गया। कथावाचक आचार्य ज्योति शंकर तिवारी ने श्रीराम विवाह की कथा का मार्मिक वर्णन करते हुए भक्तों को भक्ति के रस में सराबोर कर दिया। शिव-धनुष भंग और राजा जनक की प्रतिज्ञा कथावाचक ने प्रसंग सुनाते हुए कहा कि माता सीता ने बाल्यकाल में ही भगवान शिव के उस भारी धनुष को सहजता से उठा लिया था, जिसे बड़े-बड़े वीर हिला तक नहीं पाते थे। इसी घटना से प्रभावित होकर राजा जनक ने प्रतिज्ञा की थी कि जो भी इस धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी के साथ सीता का विवाह संपन्न होगा। स्वयंवर के दौरान जब अनेक राजा असफल रहे, तब गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर प्रभु श्री राम ने धनुष को उठाया और प्रत्यंचा च...