शाहजहांपुर, नवम्बर 13 -- फोटो 24:: रामलीला मैदान में कथा के दौरान गुरुवार को मौजूद महिला श्रद्धालु। -दशरथ-वियोग सुनकर पंडाल में छाई शोक की निस्तब्धता -कथा का पांचवां दिवस मार्मिकता और करुणा से भरा रहा शाहजहांपुर, संवाददाता। कैंट स्थित रामलीला मैदान में चल रही श्रीराम कथा का पांचवां दिवस मार्मिकता और करुणा से भरा रहा। मंगलमय परिवार द्वारा आयोजित कथा में विजय कौशल महाराज ने राम वनवास का प्रसंग इस तरह प्रस्तुत किया कि पूरा पंडाल कुछ देर तक मौन हो गया। महाराज ने कहा कि अयोध्या से राम का प्रस्थान केवल राजनैतिक निर्णय नहीं था, बल्कि धर्म, त्याग और मर्यादा का सर्वोच्च उदाहरण था। जिस राम के नाम से अयोध्या गूंजती थी, वही राम आज राजमहल छोड़कर वन की ओर प्रस्थान कर रहे थे। महाराज ने कहा कि जब कैकेयी ने दो वरदान मांगे, तब दुनिया को मोह की भयावहता का अ...