कमलाकान्त सुन्दरम, अप्रैल 11 -- अयोध्या राम मंदिर को राष्ट्र मंदिर बनाने के संकल्प के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अपनी योजना पर आगे बढ़ रहा है। इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए ऐसे सामाजिक प्रतीकों का चुनाव किया जा रहा है जिनके गहरे निहितार्थ हैं। इसी कड़ी में दक्षिण भारतीय परम्परा के तीन अलग-अलग रामभक्त संतों की प्रतिमाओं की स्थापना भी श्रीराम जन्मभूमि परिसर में करने का निर्णय लिया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय कहते है कि इन संतों में तमिलनाडु के त्याग राज, उड़ीसा के पुरन्दर दास के अलावा आंध्रप्रदेश के एक प्रमुख संत शामिल हैं और इनकी बड़ी ख्याति है। इसी तरह से राम मंदिर के चार प्रवेश द्वारों का नामकरण रामानंदाचार्य के अलावा शंकराचार्य, रामानुजाचार्य व माध्वाचार्य के नाम पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। ...
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