मुरादाबाद, मार्च 22 -- व्हाइट हाउस में चल रही श्री राम कथा में कथा व्यास मुरलीधर महाराज ने राम बारात, राम के राज तिलक की घोषणा, राजा दशरथ और कैकई संवाद के साथ ही राम के वनवास जाने का मार्मिक प्रसंग सुनाकर सभी को भक्तिभाव से सराबोर कर दिया। उन्होंने भजन से कथा का आरंभ करते हुए बताया सीता स्वयंवर में राम के धनुष तोड़ने की सूचना और राजा जनक द्वारा राजा दशरथ को राम के विवाह का प्रस्ताव भेजने से अयोध्या में जश्न छा गया। जल्द ही राजा दशरथ चारों पुत्रों, गुरु विश्वामित्र और गुरु वशिष्ठ के साथ बारात लेकर जनकपुरी पहुंच गए। धूमधाम से विवाह हुआ। उसके बाद राजा दशरथ राम के राजतिलक का ऐलान करते हैं। इसके बाद मंथरा रानी कैकेई को भड़का देती हैं। राजा दशरथ से कैकेई का संवाद हुआ। उन्होंने राम के लिए वनवास मांगा। इसकी भनक लगते ही राम वनवास जाने को तैयार हो ...
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