पटना, फरवरी 9 -- संपतचक के चकबैरिया में आयोजित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के छठवें दिन रविवार को जीयर स्वामी महाराज ने श्रीराम कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम का संपूर्ण जीवन त्याग, धर्म, सत्य और कर्तव्य का आदर्श है। श्रीराम कथा केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाली मार्गदर्शक गाथा है। जो समाज को न्याय, समरसता और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। जीयर स्वामी ने कहा कि क्षत्रिय का अर्थ केवल युद्ध या शक्ति प्रदर्शन से नहीं है। बल्कि धर्म की रक्षा, समाज की सुरक्षा और अन्याय के विरुद्ध दृढ़ता से खड़े होना ही सच्चा क्षत्रिय धर्म है। क्षत्रिय वह है, जो साहस के साथ-साथ संयम, करुणा और जिम्मेदारी का भी पालन करे। उन्होंने चित्रकूट का भावपूर्ण वर्णन किया। कहा कि चित्रकूट वह पवित्र भूमि है, जहां भगवान श्रीराम ...