वाराणसी, जनवरी 1 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। काशीपीठाधीश्वर जगद्गुरु डॉ.रामकमलाचार्य वेदांती ने कहा कि आचार्य रामानंदाचार्य की पंक्तियां 'जाति-पाति पूछै नहीं कोई, जो हरि को भजै सो हरि का होई' बांग्लादेश की समस्या का समाधान हैं। उन्होंने गुरुवार को कश्मीरीगंज स्थित रामजानकी मंदिर में रामानंदाचार्य की 726वीं जयंती पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी। जयंती के दिन 10 जनवरी को अस्सी घाट से शोभायात्रा निकाली जाएगी। नौ दिनी आयोजन के अंतर्गत मुख्य अनुष्ठान श्रीराम कथा है। कथा दो से 10 जनवरी तक प्रतिदिन अपराह्न एक से सायं चार बजे तक मंदिर के बाहर बनाए गए पंडाल में होगी। दो जनवरी को प्रात: नौ से पूर्वाह्न 11 बजे तक मानस अंत्याक्षरी और सायंकाल सात बजे से कवि सम्मेलन, तीन जनवरी को प्रात: नौ से पूर्वाह्न 11 बजे तक कक्षा पांच से 10वीं तक के...