जामताड़ा, फरवरी 25 -- जामताड़ा,प्रतिनिधि। श्रीराम कथा के पांचवें दिन गांधी मैदान में सोमवार को वृंदावन से आए कथावाचक हरिदास अंकित कृष्ण ने अहिल्या का उद्धार प्रसंग पर कथा सुनाया। उन्होने कहा कि अहिल्या का उद्धार कर भगवान ने समाज को यह शिक्षा दी कि संसार में जिसको सब त्याग देते हैं, उसे मैं अपना लेता हूं। इसके बाद भगवान गुरुदेव विश्वामित्र के साथ जनकपुर गए। जनकपुर में पुष्प वाटिका में पुष्प तोड़ने के लिए जब भगवान प्रवेश करते हैं ,तो मालियों ने भगवान को रोका और मालियों को भगवान ने सुंदर आशीर्वाद दिया। इसके बाद भगवान वाटिका में प्रवेश कर गए माता सीता का वहीं पर भगवान को सर्वप्रथम दर्शन हुआ और भगवान ने आकर के सारी बात अपने गुरुदेव विश्वामित्र को बताई। गुरुदेव जनकपुर में पुष्प वाटिका में आई हुई जनक नंदिनी को देखकर के आज मेरे मन में उन्हें प्रेम...
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