मुजफ्फर नगर, अगस्त 28 -- रामपुर तिराहाकांड से जुड़े सरकार बनाम ब्रज किशोर मामले में बचाव पक्ष ने गवाह के बयान को पढ़कर कोर्ट में सुनाया। उन्होंने कोर्ट में कहा कि अभियोजन एफआईआर को सिद्व नही कर पाया है, क्योंकि सूचना देने वाले अधिकारी के हस्ताक्षर एफआईआर पर नही है। वही एसपी मिश्रा मामले में कोई सुनवाई नही हुई। कोर्ट ने दोनों मामलों में सुनवाई के लिए आठ सितम्बर की तिथि नियत की है। विगत एक अक्तूबर 1994 की रात्रि पृथक राज्य की मांग के दिल्ली जा रहे उत्तराखंड के आंदोलनकारियों को पुलिस ने रामपुर तिराहे पर रोक लिया था। आरोप है पुलिस फायरिंग में सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी, जबकि महिलाओं से छेड़छाड़ और दुष्कर्म के आरोप भी लगे थे। इस मामले में सीबीआई की तरफ से हाईकोर्ट के आदेश पर सात मुकदमे दर्ज कराए थे। उत्तराखंड सघर्ष समिति के वरिष्ठ अधिवक्ता...
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