मुरादाबाद, नवम्बर 4 -- आज यानि बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा है। इसे परवी का स्नान भी बोला जाता है। इस पर गंगा में स्नान सहित खिचड़ी आदि का दान करने का विशेष महत्व है। वैसे तो मुरादाबाद रामगंगा और गांगन नदी के छह घाट हैं। मगर लाल बाग स्थित घाट पर काशीपुर से आ रही ठेला नदी का भी इसमें मिलन होता है। इसीलिए इसे संगम घाट के नाम से भी जाना जाता रहा है। मगर इस बार मंगलवार की शाम तक रामगंगा में पानी तो नहीं दिखा लेकिन घाटों पर गंदगी जरूर पसरी रही। कांठ रोड पर चट्टा पुल के नीचे पानी की छोटी सी धार नजर आ रही थी जिसमें कुछ हद तक सफाई है। इसके बाद आगे बढ़ते ही इसमें नालों को मिलना शुरू हो जाता है। मोक्षधाम के आगे वाले घाट तक नालों के पानी ने ही रामगंगा का अस्तित्व संभाल लिया। दसवें घाट पर शहर का नाला रामगंगा में मिल रहा है। आगे बढ़ने पर दौलत बाग का नाल...