हमीरपुर, दिसम्बर 7 -- भरुआ सुमेरपुर, संवाददाता। श्री गायत्री तपोभूमि प्रांगण में चल रही राम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पंचदश नाम जूना अखाड़ा छत्तीसगढ़ के महामंडलेश्वर स्वामी आत्मानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि जब तक रामकथा की चरखी में नहीं पिसोगे तब तक जीवन में निखार नहीं आ सकता है, इसलिए मनुष्य को राम के चरित्र आदर्श को समझना बहुत जरूरी है। राम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास ने कहा कि अगर समाज में अच्छे बनना है तो अहंकार का परित्याग करके झुकना सीखना होगा, तभी समाज में अहमियत बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इस संसार पर जिस पर विश्वास नहीं हो उसकी चर्चा नहीं करनी चाहिए बल्कि उसकी परीक्षा लेनी चाहिए परिणाम स्वत: सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा कि मन बड़ा चंचल होता है इसलिए मनमानी करता है। मनुष्य को मन पर नियंत्रण रखना चाहिए और यह तभी संभव होगा जब आप राम के चरित्...
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