महाराजगंज, जनवरी 10 -- खनुआ,हिन्दुस्तान संवाद राष्ट्रीय राजमार्ग आज कल छुट्टा पशुओं का आरामगाह बनता जा रहा है। पशुओं के वाहनों से टकराने की घटनाएं आम हो गई है। जिससे कई बार राहगीरों व यात्रियों की जान जोखिम में पड़ जाती है। बेसहारा पशुओं के लिए मुफीद बन चुके राष्ट्रीय राजमार्ग 24 पर दुर्घटनाओं की संभावनाएं प्रबल होती जाती है। शाम ढ़लते ही बेसहारा पशु राजमार्ग के किनारे जमा हो जाते हैं और रात होते होते बीच सड़क में आकर बैठ जाते हैं। यही वजह है कि तेज गति से आते वाहनों से टकरा जाते हैं। पूर्व में हुई कई घटनाओं में छुट्टा गांय और इनके बच्चे काल के गाल में समा चुके हैं। वहीं यात्रियों व राहगीरों की जान जोखिम में पड़ जाती है। छुट्टा पशु कहां से आते हैं और दिन निकलते कहां चले जाते हैं इसका किसी को पता नहीं चल पाता। स्थानीय लोगों ने कई बार लिखित...