रांची, नवम्बर 11 -- रांची, संवाददाता। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में मंगलवार को राज्य में बाघों के संरक्षण को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने प्रार्थी की ओर से दिए गए सुझाव पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई दो दिसंबर को निर्धारित की गई है। इससे पहले कोर्ट के आदेश के आलोक में प्रार्थी इंद्रजीत सामंथा की ओर से बाघ के संरक्षण को लेकर कोर्ट के समक्ष कई सुझाव दिए गए। उन्होंने अपने सुझाव में कोर्ट को बताया कि जंगल के बीच में बसे गांवों को विस्थापित करते हुए उनका पुनर्वास किया गया है। ग्रामीणों को पुनर्वासित जगह और जमीन का अधिकार पेपर दिया जाना चाहिए, ताकि उन्हें वहां खेती करने में कोई कठिनाई न हो। उसका वहां का आधार कार्ड भी बनवाया जाना चाहिए और सभी सु...
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