पटना, अप्रैल 6 -- राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने शनिवार को राजभवन के दरबार हॉल में भोजपुरी लोककला कैलेंडर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न देशों में विविधता परेशान करनेवाली चीज रही है, पर भारत की सांस्कृतिक विविधताओं ने हमें कभी असहज नहीं किया। इसने हमारी एकता को मजबूती प्रदान की है। हमारी संस्कृति विविधता से समृद्ध होती है। यह दुनियां की अकेली संस्कृति है जो बहुधा की संस्कृति है। उन्होंने कहा कि पराधीन होने के बावजूद भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता बनी रही। हमारी संस्कृति में अविरलता और निरंतरता है। उन्होंने कहा कि ऋग्वेद को सबसे पुरानी पुस्तक मानी जाती है और उसे देखकर समझा जा सकता है कि उसकी ऋचाओं को सृजित करने वाले ऋषियों का मानस कितना विकसित और उन्नत रहा होगा। ऋग्वेद के काफी समय बाद कैलेंडर की अवधारणा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.