तिरुवनंतपुरम, जनवरी 21 -- केरल विधानसभा में मंगलवार को एक असाधारण घटनाक्रम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने विधानसभा में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के संबोधन समाप्त करने के तुरंत बाद आरोप लगाया कि उन्होंने राज्य मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित नीतिगत भाषण को पूरी तरह नहीं पढ़ा। इसके बाद सीएम ने खुद राज्यपाल द्वारा छोड़े गए भाषण के अंशों को पढ़कर सदन के पटल पर रख दिया। राज्यपाल द्वारा केंद्र सरकार की आलोचना से जुड़े कुछ हिस्से न पढ़े जाने पर मुख्यमंत्री ने कड़ा ऐतराज जताया और स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल द्वारा अप्रूव पूरा भाषण ही सरकार की नीति घोषणा है, जिसे बदला नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री के विरोध के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने भी स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो अंश राज्यपाल ने नहीं पढ़े, उन्हें पढ़ा हुआ ही माना जाए और मंत्...