नई दिल्ली, दिसम्बर 24 -- एक तरफ भारत 'डिजिटल इंडिया' बनने की ओर अग्रसर है, वहीं राजस्थान के जालोर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने आधुनिक समाज और संवैधानिक मूल्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जालोर जिले की एक पंचायत ने महिलाओं और बहू-बेटियों के स्मार्टफोन इस्तेमाल करने पर पूर्ण पाबंदी लगाने का फरमान जारी किया है। इस फैसले के बाद प्रदेशभर में बहस छिड़ गई है और इसे महिलाओं की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जालोर जिले के चौधरी समाज सुंधामाता पट्टी की गाजीपुर गांव में एक अहम बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में 15 गांवों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। पंचायत ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 26 जनवरी से समाज की कोई भी बहू या बेटी कैमरे वाले स्मार्टफोन का उपयोग नहीं करेगी। हैरानी की बात यह है कि पाबंदी केवल मोबाइल रखने तक ...
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