जयपुर, नवम्बर 18 -- राजस्थान में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की रफ्तार पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुकी है। गोवा को छोड़कर 12 राज्यों में जारी इस अभियान में राजस्थान 15 दिनों में 30.17% कार्य पूरा कर दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। एक ओर यह गति चुनाव प्रबंधन की दक्षता दर्शाती है, तो दूसरी तरफ इस तेजी की कीमत शिक्षक और बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के बढ़ते मानसिक बोझ के रूप में सामने आने लगी है। जयपुर के सरकारी शिक्षक और BLO मुकेश जांगिड़ की आत्महत्या ने पूरे प्रदेश में तंत्र के दबाव की गूंज को तेज कर दिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के मुताबिक अब तक 1.65 करोड़ गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा किया जा चुका है। राज्य भर में घर-घर गणना और सत्यापन का काम 4 दिसंबर तक चलेगा और 9 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.