जयपुर, अक्टूबर 10 -- राजस्थान की राजनीति में वसुंधरा राजे को भले पिछले कुछ समय से सार्वजनिक रूप से "साइलेंट मोड" में बताया जा रहा हो, लेकिन अंता उपचुनाव ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भाजपा की रणनीति में 'राजे फैक्टर' आज भी निर्णायक है। 13 सिविल लाइन यानी राजे का सरकारी आवास पिछले दो दिनों से भाजपा का सबसे बड़ा सियासी केंद्र बन चुका है। यहीं से उपचुनाव की रूपरेखा, टिकट चयन, और नैरेटिव सेट करने की रणनीति तय हो रही है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मुलाकात ने स्पष्ट कर दिया कि अंता उपचुनाव का असली कमान किसके हाथ में है। भले ही औपचारिक रूप से नेतृत्व की बागडोर संगठन के पास है, लेकिन फैसलों का अंतिम समीकरण राजे के अनुभव और प्रभाव पर ही टिकता दिख रहा है। भाजपा सूत्रों के...
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