नई दिल्ली, जनवरी 14 -- राजस्थान में सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत मानी जाने वाली निःशुल्क दवा योजना को लेकर स्वास्थ्य विभाग अब पूरी तरह सख्त हो गया है। सरकार जहां जिला अस्पताल से लेकर पीएचसी तक मरीजों को सैकड़ों दवाइयां मुफ्त उपलब्ध करा रही है, वहीं कुछ सरकारी डॉक्टरों द्वारा अनिवार्य दवा सूची (EDL) से हटकर बाहर के महंगे ब्रांड लिखे जाने की शिकायतों के बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी डॉक्टरों को स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि कोई डॉक्टर सरकारी अस्पताल में उपलब्ध फ्री दवाइयों के बावजूद मरीजों को बाहर की दवा लिखता है, तो उसके खिलाफ राजस्थान सेवा नियम 1958 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निदेशक स्तर से जारी हुए आदेश स्वास्थ्य विभाग के निदेशक रवि प्रकाश शर्मा ...
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