जयपुर, जनवरी 25 -- राजस्थान के दो लोक कलाकारों को 'अनाम नायकों' की श्रेणी के तहत रविवार को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुरस्कार पाने वालों में राजस्थान के मेवात के 68 साल के गफरुद्दीन मेवाती जोगी शामिल हैं। वह भापंग बजाते हैं। वहीं, जैसलमेर के पास मूल सागर के निवासी तागा राम भील अलगोजा बजाते हैं। जोगी ने चार साल की उम्र में अपने पिता से यह वाद्य यंत्र सीखना शुरू किया था। उन्होंने कहा कि मेवाती जोगी समुदाय की पारंपरिक संस्कृति हिंदू और मुस्लिम का मिश्रण है। मैं पिछले 50 वर्षों से पांडुन का कड़ा गाना गा रहा हूं। मुझे 2500 से अधिक दोहे याद हैं, जिनमें विशेष रूप से महाभारत की विभिन्न कहानियों का वर्णन है। यह मुझे अपने परिवार से विरासत में मिली हैं। 2024 में जोगी को विश्व भर में इस ग्रामीण लोक कला को बढ़ावा देने में उनके योगदान के...