बांसवाड़ा, जुलाई 15 -- राजस्थान के बांसवाड़ा-डूंगरपुर से भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने एक बार फिर अलग भीलप्रदेश के गठन की पुरानी मांग को जोर-शोर से उठाया है। इस मांग को बल देने के लिए उन्होंने 1885 के एक ऐतिहासिक नक्शे का सहारा लिया, जो भिल समुदाय के पारंपरिक क्षेत्र को दर्शाता है। नक्शे में राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के उन हिस्सों को चिह्नित किया गया है, जहां भिल आदिवासियों की घनी आबादी रही है। रोत का दावा है कि यह नक्शा उस समय के भौगोलिक और सांस्कृतिक वास्तविकता को प्रतिबिंबित करता है।11 जिलों को मिलाकर नया राज्य का प्लान सांसद ने प्रस्ताव रखा है कि राजस्थान के 11 जिलों बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और आसपास के अन्य क्षेत्रों को मिलाकर एक नया राज्य बनाया जाए। इसके अलावा, मध्य प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.