जयपुर, अगस्त 29 -- राजस्थान की आरजीएचएस योजना में चल रहे बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, जो सीधे तौर पर सरकारी खजाने तक पहुंचने वाले फर्जी रास्तों को उजागर करता है। इस बार पकड़ में आया आरोपी कोई आम आदमी नहीं, बल्कि सहकारी उपभोक्ता मेडिकल स्टोर का संचालक कमलेश राठौर, जिस पर Rs.25,000 का इनाम घोषित था। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार, कमलेश और उसके साथी अस्पताल के अंदर बैठे कर्मचारी वर्षों से लाखों रुपये का सरकारी धन हड़प रहे थे। कहानी की शुरुआत तब हुई जब एक फर्जी ओपीडी पर्ची का बिल सीएमएचओ कार्यालय में भेजा गया। बिल की जांच में भारी गड़बड़ी पकड़ में आई। पुलिस ने जैसे ही डॉक्टर से पूछताछ की, मामला और गहरा हुआ। झलरापाटन के राजकीय सैटेलाइट अस्पताल की अंदरूनी दुनिया अब आम जनता के सामने खुल रही थी-जहां मरीजों के नाम पर फर्जी पर्चियां तैयार क...