जयपुर, नवम्बर 20 -- राजस्थान में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान दो दिनों में दो कर्मचारियों की हार्ट अटैक से मौत ने व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। करौली और सवाई माधोपुर जिलों में हुई इन दोनों घटनाओं को लेकर परिजनों ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक दबाव था, जिसके कारण वे लगातार तनाव में चल रहे थे। पहली घटना करौली जिले की है, जहां करसौली गांव के रहने वाले संतराम सैनी (45) की बुधवार देर रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। संतराम हिंडौन के पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में लेक्चरर थे और इन दिनों SIR कार्य में सुपरवाइजर की भूमिका निभा रहे थे। परिजनों का कहना है कि संतराम को 17 नवंबर को प्रगति रिपोर्ट में देरी होने पर नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद से वे मानसिक रूप से बेहद परेशान थे। बड़े भा...